नक्षत्र व उनके देवता- प्रकृति


नक्षत्र व उनके देवता- प्रकृति

एक शोध के अनुसार निम्न नक्षत्र के क्रम से भी आप नक्षत्र के देवता, उनकी प्रकृति-तत्व व वृक्षों का लाभ ले सकते हैं ।

अश्विनी
नक्षत्र-अश्विनी
नक्षत्र देवता-अश्विनीकुमार
नक्षत्र स्वामी-केतु
राशि -मेष
योनि-अश्व
नाडी-आद्य
गण-देव
दान वस्तु-अन्न
मुख-तिर्यक
दृष्टी-मंद
नक्षत्र तत्व-वायु
नक्षत्र संज्ञा-क्षिप्र
नक्षत्र आराध्य वृक्ष-मोह(मधुक)/कुचला
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष-जेष्ठमध/चिंच/ वासा
धार्यौषधि-आघाडा
क्षेमकर वृक्ष-जांभळी
नक्षत्र प्राणी-अश्व
नक्षत्र स्वभाव-मृदु
नक्षत्र नाम मंत्र-अश्वयुगभ्यां नमः।।
नक्षत्र देवता नाममंत्र- ॐ अश्विनीकुमाराभ्यां नमः।।
पौराणिक मंत्र-
अश्विनौ देवते श्वेतवर्णो तौ व्दिभुजौ स्तुमः।
सुधासंपुर्ण कलश कराब्जावश्च वाहनौ ।।
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
स्वर्वैदयावश्विनौ देवौ व्दिभुजौ शुक्लवर्णको ।
सर्वारिष्ट विनाशाय अश्विभ्यांवै नमो नमः ।।

भरणी
नक्षत्र भरणी
नक्षत्र देवता यम – आद्य पितर
नक्षत्र स्वामी शुक्र
राशी मेष
योनि-गज
नाडी -मध्य
गण -मनुष्य
दान वस्तु -पांढरी कपडे
मुख -अधो
दृष्टी -चिबिट
नक्षत्र तत्व -अग्नि
नक्षत्र संज्ञा -उग्र
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -आवळा
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -खैर
धार्यौषधि -हदगा
क्षेमकर वृक्ष -खैर
नक्षत्र प्राणी -हाथी
नक्षत्र स्वभाव -क्रूर
नक्षत्र नाम मंत्र ॐ अपभरणीभ्यो नमःl
नक्षत्र देवता नाममंत्र ॐ यमाय नमः ll
पौराणिक मंत्र
पाशदण्डं भुजव्दयं यमं महिष वाहनम l
यमं नीलं भजे भीमं सुवर्ण प्रतीमागतम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
दंडहस्तघरं देवं महामहिष वाहनं l
सर्वारिष्टं विनाशय नैमिनित्यं ll

रोहिणी
मृगशीर्ष
नक्षत्र मृगशीर्ष
नक्षत्र देवता चंद्र
नक्षत्र स्वामी मंगळ
राशि – वृषभ,मिथुन
योनी -सर्प
नाडी मध्य
गण -देव
दान वस्तु -खीर
मुख- तिर्यक
दृष्टी -मंद
नक्षत्र तत्व -वायु
नक्षत्र संज्ञा =मृदु
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -खैर(कात)
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -पिंपळ
धार्यौषधि -शेवरी
क्षेमकर वृक्ष -पिंपळ
नक्षत्र प्राणी -सर्प
नक्षत्र स्वभाव -शुभ
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ मृगशीर्षाय नमःl
नक्षत्र देवता नाममंत्र- ॐ चंद्रमसे नमः l l
पौराणिक मंत्र
श्वेतवर्णाकृतीः सोमो व्दिभुजो वरदण्डभृत् l
दशाश्वरथमारूढो मृगशिर्षोस्तु मे मुदे ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
सर्व नक्षत्रं मध्येतु सोमोराजा व्यवस्थितः l
सर्वारिष्ट विनाशाय सोमाय सततं नमः ll

कृतिका
नक्षत्र-कृतिका
नक्षत्र देवता-अग्नि
नक्षत्र स्वामी-रवि
राशि -मेष,वृषभ
योनि -मेष
नाडी-अंत्य
गण-राक्षस
दान वस्तु-सोने
मुख-अधो
दृष्टी-सुलोचन
नक्षत्र तत्व-अग्नि
नक्षत्र संज्ञा-मिश्र
नक्षत्र आराध्य वृक्ष-उंबर,औदुंबर
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष-बेहडा
धार्यौषधि- कापूस
क्षेमकर वृक्ष-अगरु,चंदन, बेहड़ा
नक्षत्र प्राणी-बकरी
नक्षत्र स्वभाव-क्रूर
नक्षत्र नाम मंत्र- ॐ कृतिकाभ्यो नमः ll
नक्षत्र देवता नाममंत्र
ॐ आग्नेय नमःll
पौराणिक मंत्र
कृतिका देवतामाग्निं मेशवाहनं संस्थितम् l
स्त्रुक् स्तुवाभीतिवरधृक्सप्तहस्तं नमाम्यहम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
आग्नेयः पुरुषोरक्त सर्व देवमयोव्ययः ll

आर्द्रा
नक्षत्र आर्द्रा
नक्षत्र देवता रुद्र (शिव)
नक्षत्र स्वामी राहु
रसहीन- मिथुन
योनी- श्वान
नाडी -आद्य
गण -मनुष्य
दान वस्तु- काळीगाय
मुख -ऊर्ध्व
दृष्टी -चिबिट
नक्षत्र तत्व -जल
नक्षत्र संज्ञा -तीक्ष्ण
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -कृष्णागरू
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -चंदन, बेहड़ा
धार्यौषधि -पिंपळ
क्षेमकर वृक्ष -नागचाफा, उंडल, सुरंगी
नक्षत्र प्राणी -कुत्ता
नक्षत्र स्वभाव -तीक्ष्ण
नक्षत्र नाम मंत्र – ॐ आर्द्रायै नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ रुद्राय नमः ll
पौराणिक मंत्र
रुद्र श्वेतो वृशारूढः श्वेतमाल्यश्चतुर्भुजःl
शूलखड्गाभयवरान्दधानो मे प्रसीदतु ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
रुद्रोदेवो वृषारुढश्चतुर्बाहुस्त्रिलोचनःl
सर्वारिष्ट विनाशाय रुद्रायच नमो नमःll

पुनर्वसु
नक्षत्र पुनर्वसु
नक्षत्र देवता -अदिति
नक्षत्र स्वामी -गुरू
राशि – मिथुन,कर्क
योनि – मार्जार
नाडी -आद्य
गण -देव
दान वस्तु -उड़द ,तिल
मुख-तिर्यक
दृष्टी -सुलोचन
नक्षत्र -तत्व वायु
नक्षत्र संज्ञा -चर
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -वेळू/बांबू
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -वड
धार्यौषधि -रुई (मराठी)
क्षेमकर वृक्ष -वट
नक्षत्र प्राणी -मार्जार
नक्षत्र स्वभाव -चर
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ पुनर्वसुभ्यां नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ अदित्यै नमःll
पौराणिक मंत्र
अदितीः पीतवर्णाश्च स्त्रुवाक्षकमण्डलून l
दधाना शुभदा मे स्यात पुनर्वसु कृतारव्या ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
अदितीर्देवमाताच पुनर्वस्वधिपातया l
सर्वारिष्ट विनाशाय आदित्यैय नमोनमःll

पुष्य
नक्षत्र -पुष्य
नक्षत्र देवता-गुरु
नक्षत्र स्वामी -शनि
राशि -कर्क
योनि – मेष
नाडी -मध्य
गण -देव
दान वस्तु -रक्तवस्त्र
मुख-ऊर्ध्व
दृष्टी -अंध
नक्षत्र तत्व -अग्नि
नक्षत्र संज्ञा -क्षिप्र
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -पिंपळ
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -पळस
धार्यौषधि -कापूर
क्षेमकर वृक्ष -पळस
नक्षत्र प्राणी –बकरी
नक्षत्र स्वभाव -शुभ
नक्षत्र नाम मंत्र –ॐ पुष्याय नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ बृहस्पतये नमः ll
पौराणिक मंत्र
वंदे बृहस्पतिं पुष्यदेवता मानुशाकृतिम् ll
सर्वाभरण संपन्नं देवमंत्रेण मादरात् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
देवमंत्री विशालाक्ष सदालोकहिते रतःl
सर्वारिष्ट विनाशाय धिषणाय नमो नमःll

आश्लेषा
नक्षत्र -आश्लेषा
नक्षत्र देवता -सर्प
नक्षत्र स्वामी -बुध
राशि – कर्क
योनि – मार्जार
नाडी -अंत्य
गण -राक्षस
दान वस्तु -तिल
मुख -अधो
दृष्टी- मंद
नक्षत्र तत्व -जल
नक्षत्र संज्ञा -तीक्ष्ण
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -जुई(नागचाफा)
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -उंडी, उंडल, सुरंगी
धार्यौषधि -कडु, पडवळ
क्षेमकर वृक्ष -पायरी
नक्षत्र प्राणी -मार्जार
नक्षत्र स्वभाव -तीक्ष्ण,शोक
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ आश्लेषायै नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ सर्पेभ्यो नमःll
पौराणिक मंत्र
सर्पोरक्त स्त्रिनेत्रश्च फलकासिकरद्वयःl
आश्लेषा देवता पितांबरधृग्वरदो स्तुमे ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
स्वर्वेद्यावश्वीनौ देवौ व्दिभुजौ शुक्लवर्णको ll
सर्वारिष्ट विनाशाय तुस्मै नित्यं नमो नमःll

मघा
नक्षत्र -मघा
नक्षत्र देवता -पितर
नक्षत्र स्वामी -केतु
राशि – सिंह
योनि – मूषक
नाडी -अंत्य
गण -राक्षस
दान वस्तु -गुळ-मीठा
मुख -अधो
दृष्टी- चिबिट
नक्षत्र तत्व -अग्नि
नक्षत्र संज्ञा -उग्र
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -वट
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -रिठा
धार्यौषधि -माका
क्षेमकर वृक्ष -जाई, अम्बष्ठ, रीठा
नक्षत्र प्राणी -मूषक
नक्षत्र स्वभाव -क्रुर,उग्र
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ मघायै नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ पितृभ्यो नमःll
पौराणिक मंत्र
पितरः पिण्डह्स्ताश्च कृशा धूम्रा पवित्रिणःll
कुशलं द्घुरस्माकं मघा नक्षत्र देवताःll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
पितरः कृष्णवर्नाश्च चतुर्हस्ता विमा नगाःl
सर्वारिष्ट विनाशाय तेभ्यो नित्यं नमो नमःll

पुर्वा
नक्षत्र -पुर्वा(फाल्गुनी)
नक्षत्र देवता -भग
नक्षत्र स्वामी -शुक्र
राशि- सिंह
योनि – मूषक
नाडी -अंत्य
गण -राक्षस
दान वस्तु -अन्न
मुख -अधो
दृष्टी -सुलोचन
नक्षत्र तत्व -अग्नि
नक्षत्र संज्ञा -उग्र
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -पलाश(पळस)
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -बेल
धार्यौषधि -रिंगणी
क्षेमकर वृक्ष -बेल, निर्गुड़ी
नक्षत्र प्राणी -चुहा
नक्षत्र स्वभाव -शुभ
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ पुर्वा फाल्गुनीभ्यां नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ भगाय नमः ll
पौराणिक मंत्र
भगं रथवरारुढं व्दिभुंज शंखचक्रकम् l
फाल्गुनीदेवतां ध्यायेत् भक्ताभीष्टवरप्रदाम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
स्वर्वेद्यावश्वीनौ देवौ व्दिभुजौ शुक्लवर्णको :l
सर्वारिष्ट विनाशाय अश्विभ्यांवै नमो नमःll

उत्तरा
नक्षत्र -उत्तरा(फाल्गुनी)
नक्षत्र देवता -अर्यमा
नक्षत्र स्वामी -रवि
राशि -सिंह,कन्या
योनि -गो
नाडी -आद्य
गण -मनुष्य
दान वस्तु -मोती
मुख -ऊर्ध्व
दृष्टी -अंध
नक्षत्र तत्व -वायु
नक्षत्र संज्ञा -ध्रुव
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -पायरी(पिंपरी)
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -अर्जुन
धार्यौषधि -कडू, पडवळ
क्षेमकर वृक्ष -अर्जुन, तुळस
नक्षत्र प्राणी -गाय
नक्षत्र स्वभाव -शुभ
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ उत्तरा फाल्गुनीभ्यां नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ अर्यम्ने नमःll
पौराणिक मंत्र
संपूजयाम्यर्यमणं फाल्गुनी तार देवताम् l
गायत्री मंत्रः धुम्रवर्णं रथारुढं सुशक्तिकरसंयुतम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
उत्तराधिपतिश्चैव लोकसंरक्षकस्तथा :l
सर्वारिष्ट विनाशाय तस्मै नित्यं नमो नमःll

हस्त
नक्षत्र -हस्त
नक्षत्र देवता -सुर्य
नक्षत्र स्वामी -चंद्र
राशि – कन्या
योणि -महिषी
नाडी -आद्य
गण -देव
दान वस्तु -अन्न
मुख -तिर्यक
दृष्टी -मंद
नक्षत्र तत्व -वायु
नक्षत्र संज्ञा -क्षिप्र
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -जाई,चमेली
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -अम्बष्ठ, रीठा
धार्यौषधि -जाई, जुई, चमेली
क्षेमकर वृक्ष -नागकेशर, वेहेंकल, पारिजात
नक्षत्र प्राणी -भैंस
नक्षत्र स्वभाव -शुभ,सत्वगुणी
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ हस्ताय नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ सवित्रे नमःl
पौराणिक मंत्र
सवितारहं वंदे सप्ताश्चरथ वाहनम् l
पद्मासनस्थं छायेशं हस्तनक्षत्रदेवताम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
हस्तस्याधिपतीः सुर्यःजगदात्मा तथैवच :ll
सर्वारिष्ट विनाशाय अश्विभ्यांवै नमो नमःll

चित्रा
नक्षत्र -चित्रा
नक्षत्र देवता -त्वष्टा
नक्षत्र स्वामी -मंगळ
राशि -कन्या,तुला
योनि -व्याघ्र
नाडी -मध्य
गण -राक्षस
दान वस्तु -पीत वस्त्र
मुख -तिर्यक
दृष्टी -चिबिट
नक्षत्र तत्व – वायु
नक्षत्र संज्ञा -मृदु
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -बेल
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -निर्गुड़ी
धार्यौषधि -गेळफळ
क्षेमकर वृक्ष -नागकेशर,बकुल, केवड़ा
नक्षत्र प्राणी -बाघ
नक्षत्र स्वभाव -तीक्ष्ण
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ चित्रायै नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ त्वष्ट्रे नमःl
पौराणिक मंत्र
त्वष्टारं रथमारूढं चित्रानक्षत्रदेवताम् l
शंखचक्रान्वितकरं किरीटीनमहं भजे ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
त्वाष्ट्राॠक्षधिपश्चैव भक्त संरक्षकस्तथा l
सर्वारिष्ट विनाशाय त्वष्ट्राधिप नमो नमःll

स्वाति
नक्षत्र -स्वाति
नक्षत्र देवता -वायु
नक्षत्र स्वामी -राहु
राशि – तुला
योनि -महिषी
नाडी – अंत्य
गण -देव
दान वस्तु -लाल गाय
मुख -तिर्यक
दृष्टी -सुलोचन
नक्षत्र तत्व -अग्नि
नक्षत्र संज्ञा -चर
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -अर्जुन
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -काटे सांवर
धार्यौषधि -जाई ,जुई, चमेली
क्षेमकर वृक्ष -सांवर, देवदारु, लोध्र
नक्षत्र प्राणी -भैंस
नक्षत्र स्वभाव -शुभ
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ स्वात्यै नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ वायवे नमः l
पौराणिक मंत्र
वायुवरं मृगारुढं स्वाती नक्षत्र देवताम् l
खड्.ग चर्मोज्वल करं धुम्रवर्ण नमाम्यह्म् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
स्वर्वेद्यावश्वीनौ देवौ व्दिभुजौ शुक्लवर्णको l
सर्वारिष्ट विनाशाय अश्विभ्यांवै नमो नमः ll

विशाखा
नक्षत्र -विशाखा
नक्षत्र देवता -इन्द्राग्नि
नक्षत्र स्वामी -गुरू
राशि – तुला,वृश्चिक
योनि -व्याघ्र
नाडी -अंत्य
गण -राक्षस
दान वस्तु -तांबे
मुख -अधो
दृष्टी -अंध
नक्षत्र तत्व -वायु
नक्षत्र संज्ञा -मिश्र
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -नागकेशर
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -पारिजातक, वेहेंकल
धार्यौषधि -गुंजा
क्षेमकर वृक्ष -देवबाभुळ, राळ
नक्षत्र प्राणी -बाघ
नक्षत्र स्वभाव -अशुभ
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ विशाखाभ्यां नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ इंद्राग्नीभ्यां नमः l
पौराणिक मंत्र
-इंद्राग्नीशुभदौ स्यातां विशाखा देवतेशुभे l
नमोम्ये करथारुढौ वराभयकरांबुजौ ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
स्वर्वेद्यावश्वीनौ देवौ व्दिभुजौ शुक्लवर्णको l
सर्वारिष्ट विनाशाय इंद्राग्नीभ्यां नमो नमः ll

अनुराधा
नक्षत्र -अनुराधा
नक्षत्र देवता -मित्र
नक्षत्र स्वामी -शनि
राशि -वृश्चिक
योनि -मृग
नाडी -मध्य
गण -देव
दान वस्तु -शय्या
मुख -तिर्यक
दृष्टी -मंद
नक्षत्र तत्व -पृथ्वी
नक्षत्र संज्ञा -मृदु
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -नागकेशर, नागचाफा
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -बकुल, केवड़ा, कमल केसर
धार्यौषधि -अर्क, मुचकुंद
क्षेमकर वृक्ष -अशोक
नक्षत्र प्राणी -हरिण
नक्षत्र स्वभाव -शुभ
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ अनुराधाभ्यो नमः l
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ मित्राय नमः l
पौराणिक मंत्र
मित्रं पद्मासनारूढं अनुराधेश्वरं भजे l
शूलां कुशलसद्भाहुं युग्मंशोणितवर्णकम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
अनुराधाधिपोमित्रः आयुष्योवर्धकस्तथा l
सर्वारिष्ट विनाशाय मित्रायच नमो नमः ll

जेष्ठा
नक्षत्र -जेष्ठा
नक्षत्र देवता -इंद्र
नक्षत्र स्वामी -बुध
राशि -वृश्चिक
योनि -मृग
नाडी -आद्य
गण -राक्षस
दान वस्तु -चप्पल
मुख -तिर्यक
दृष्टी -चिबिट
नक्षत्र तत्व -पृथ्वी
नक्षत्र संज्ञा -तीक्ष्ण
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -सांबर
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -देवदारू, लोध्र
धार्यौषधि -आघाडा
क्षेमकर वृक्ष -फणस
नक्षत्र प्राणी -हरिण
नक्षत्र स्वभाव -तीक्ष्ण
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ जेष्ठायै नमःl
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ इंद्राय नमःl
पौराणिक मंत्र
श्वेतहस्तिनमारूढं वज्रांकुशलरत्करम् l
सहस्त्रनेत्रं पीताभं इंद्रं ह्रदि विभावये ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
इंद्रः सुरपतिः श्रेष्ठो वज्रहस्तो महाबलः l
रातयज्ञाधिपो देवस्तर मैनित्यं नमो नमः ll

मूळ
नक्षत्र -मूल
नक्षत्र देवता -निॠति(राक्षस)
नक्षत्र स्वामी -केतु
राशि -धनु
योनि -श्वान
नाडी -आद्य
गण -राक्षस
दान वस्तु -लोखंड
मुख -अधो
दृष्टी -सुलोचन
नक्षत्र तत्व -जल
नक्षत्र संज्ञा -तीक्ष्ण
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -राळ
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -देवबाभूळ
धार्यौषधि -रुई
क्षेमकर वृक्ष -रुई
नक्षत्र प्राणी -कुत्ता
नक्षत्र स्वभाव -तीक्ष्ण
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ मूलाय नमःl
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ निॠतये नमः l
पौराणिक मंत्र
खड्.गखेटधरं कृष्णं यातुधानं नृवाहनम् l
अर्ध्वकेशं विरुपाक्षं भजे मुलाधिदेवताम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
निॠति खड्.गहस्तंच सर्व लोकैक पावन l
नरवाहन मत्युग्रं वंदेहं कालिकाप्रियं ll

पूर्वाषाढा
नक्षत्र -पुर्वाषाढा
नक्षत्र देवता -जल/उदक
नक्षत्र स्वामी -शुक्र
राशि -धनु
योनि -वानर
नाडी -मध्य
गण -मनुष्य
दान वस्तु –कंबळ
मुख -अधो
दृष्टी -अंध
नक्षत्र तत्व -जल
नक्षत्र संज्ञा -उग्र
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -वेत
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -अशोक सीता
धार्यौषधि -कापूस
क्षेमकर वृक्ष -शमी
नक्षत्र प्राणी -वानर
नक्षत्र स्वभाव -उग्र
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ पूर्वाषाढाभ्यां नमःl
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ अद्भयो नमःl
पौराणिक मंत्र
आषाढदेवता नित्यमापः सन्तु शुभावहाःl
समुद्र गास्तरा गिणोल्हादिन्यः सर्वदेहिनाम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
स्त्रीरूपाः पाशाकलशहस्ता मकरवाहनाःl
श्वेतमौक्तिक भूषाढ्या अद्भस्ताभ्यो नमो नमःll

उत्तराषाढा
नक्षत्र -उत्तराषाढा
नक्षत्र देवता -विश्वदेव
नक्षत्र स्वामी -रवि
राशि – धनु,मकर
योनि -नुकुल
नाडी – अंत्य
गण -मनुष्य
दान वस्तु -महिषी
मुख -ऊर्ध्व
दृष्टी -मंद
नक्षत्र तत्व -पृथ्वी
नक्षत्र संज्ञा -ध्रुव
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -फणस
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -कांचन
धार्यौषधि -कापुस
क्षेमकर वृक्ष -कळंब, आपटा, काचनार
नक्षत्र प्राणी -नुकुल
नक्षत्र स्वभाव -स्थिर
नक्षत्र नाम मंत्र –ॐ उत्तराषाढाभ्यां नमःl
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ विश्वेभ्यो देवेभ्यो नमः l
पौराणिक मंत्र
विश्वांदेवान् अहं वंदेषाढनक्षत्रदेवताम् l
श्रीपुष्टिकीर्तीधीदात्री सर्वपापानुमुक्तये ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
देवता बहुरूपत्वात् विश्वेदेवास्तथैवच l
सर्वारिष्ट विनाशाय तेभ्यो नित्यं नमो नमःll

श्रवण
नक्षत्र -श्रवण
नक्षत्र देवता -विष्णु
नक्षत्र स्वामी -चंद्र
राशि -मकर
योनि -वानर
नाडी -अंत्य
गण -देव
दान वस्तु -जेवण
मुख -ऊर्ध्व
दृष्टी -सुलोचन
नक्षत्र तत्व -पृथ्वी
नक्षत्र संज्ञा -चर
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -रुई(अर्क)मंदार
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -आंबा
धार्यौषधि -आघाडा
क्षेमकर वृक्ष -आंबा
नक्षत्र प्राणी -वानर
नक्षत्र स्वभाव -चर
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ श्रवणाय नमःl
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ विष्णवे नमः l
पौराणिक मंत्र
शांताकारं चतुर्हस्तं श्रोणा नक्षत्रवल्लभम् l
विष्णु कमलपत्राक्षं ध्यायेद् गरुड वाहन् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
विष्णुं विष्णुं महाविष्णुं महेश्वरं l
सर्वारिष्ट विनाशाय नमामि पुरुषोत्तम ll

धनिष्ठा
नक्षत्र -धनिष्ठा
नक्षत्र देवता -वसु
नक्षत्र स्वामी -मंगळ
राशि -मकर,कुंभ
योनि -सिंह
नाडी -मध्य
गण -राक्षस
दान वस्तु -सोने
मुख -ऊर्ध्व
दृष्टी -अंध
नक्षत्र तत्व -पृथ्वी
नक्षत्र संज्ञा -चर
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -शमी
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -नीम
धार्यौषधि -माका
क्षेमकर वृक्ष -कडुलिंब
नक्षत्र प्राणी -सिंह
नक्षत्र स्वभाव -थोडेसे शुभ
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ धनिष्ठायै नमःl
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ वसुभ्यो नमःl
पौराणिक मंत्र
श्राविष्ठादेवतां वंदे वसुन्वरधराश्रिताम् l
शंखचक्रांकितरांकिरीटांकित मस्तकाम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
अष्टौदेवाच वसवो यज्ञ संरक्षकास्तथा l
सर्वारिष्ट विनाशाय तेभ्यो नित्यं नमो नमःll

शततारका
नक्षत्र -शततारका
नक्षत्र देवता -वरुण
नक्षत्र स्वामी -राहु
राशि -कुंभ
योनि -अश्व
नाडी -आद्य
गण -राक्षस
दान वस्तु -साखर
मुख -ऊर्ध्व
दृष्टी -मंद
नक्षत्र तत्व -जल
नक्षत्र संज्ञा -चर
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -कदंब
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -आपटा, काचनार
धार्यौषधि -कमल
क्षेमकर वृक्ष -ज्येष्ठमध, चिंच, मोह
नक्षत्र प्राणी -घोडा
नक्षत्र स्वभाव -चर
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ शतभिषजे नमःl
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ वरुणाय नमः ll
पौराणिक मंत्र
वरुणं सततं वंदे सुधाकलश धारीणम् l
पाशहस्तं शतभिशग् देवतां देववंदीतम ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
पाशहस्तंच वरुणं यादसां पतिमीश्वरं l
सर्वारिष्ट विनाशाय तेभ्यो नित्यं नमो नमःll

पुर्वाभाद्रपदा
नक्षत्र -पुर्वाभाद्रपदा
नक्षत्र देवता -अजैक चरण
नक्षत्र स्वामी -गुरू
राशि – कुंभ,मीन
योनि -सिंह
नाडी -आद्य
गण -मनुष्य
दान वस्तु -सोने
मुख -अधो
दृष्टी -चिबिट
नक्षत्र तत्व -अग्नि
नक्षत्र संज्ञा -उग्र
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -आम्र
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -हिरडा
धार्यौषधि -माका
क्षेमकर वृक्ष -अडुळसा, कुचला
नक्षत्र प्राणी -सिंह
नक्षत्र स्वभाव -उग्र
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ पुर्वाप्रोष्ठपद्भ्यां नमःl
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ अजैकपदे नमःl
पौराणिक मंत्र
शिरसा महजं वंदे ध्येकपादं तमोपहम् l
मुदे प्रोष्ठपदेवानं सर्वदेवनमस्कृतम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
अजायैकपदे नित्यं लोकस्यानंददायकः l
सर्वारिष्ट विनाशाय तस्मै नित्यं नमो नमःll

उत्तराभाद्रपदा
नक्षत्र -उत्तराभाद्रपदा
नक्षत्र देवता -अहिर्बुंधन्य
नक्षत्र स्वामी -शनि
राशि -मीन
योनि -गो
नाडी -मध्य
गण -मनुष्य
दान वस्तु -शेळी
मुख -ऊर्ध्व
दृष्टी -सुलोचन
नक्षत्र तत्व -जल
नक्षत्र संज्ञा -ध्रुव
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -कडुलिंब(नीम)
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -आवळा
धार्यौषधि -पिंपळ
क्षेमकर वृक्ष -आवंला
नक्षत्र प्राणी -गो
नक्षत्र स्वभाव -ध्रुव
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ उत्तरप्रोष्ठपदभ्यां नमःll
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ अहिर्बुंधन्याय नमःll
पौराणिक मंत्र
अहिर्मे बुध्नियो भूयात मुदे प्रोष्ठ पदेश्वरःl
शंखचक्रांकीतकरः किरीटोज्वलमौलिमान् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
अहिर्बुंधन्यः सदाश्रेष्ठः सर्वरक्षणकस्तथा l
सर्वारिष्ट विनाशाय तस्मै नित्यं नमो नमःll

रेवती
नक्षत्र -रेवती
नक्षत्र देवता -पूषा
नक्षत्र स्वामी -बुध
राशि -मीन
योनि -गज
नाडी -अंत्य
गण -देव
दान वस्तु -महा
मुख -तिर्यक
दृष्टी -अंध
नक्षत्र तत्व -जल
नक्षत्र संज्ञा -मृदु
नक्षत्र आराध्य वृक्ष -मोह (मधुक)
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष -जेष्ठमध/ चिंच
धार्यौषधि -पिंपळ
क्षेमकर वृक्ष -उंबर
नक्षत्र प्राणी -हाथी
नक्षत्र स्वभाव -मृदु
नक्षत्र नाम मंत्र -ॐ रेवत्यै नमःll
नक्षत्र देवता नाममंत्र -ॐ पूष्णे नमःll
पौराणिक मंत्र
पूषणं सततं वंदे रेवतीशं समृध्दये l
वराभयोज्वलकरं रत्नसिंहासने स्थितम् ll
नक्षत्र पीडाहर मंत्र
अधिपोरेवतीॠक्षः पशुरक्षणकस्तथा l
सर्वारिष्ट विनाशाय तस्मै नित्यं नमो नमःll

आईये, हम सब मिलकर संकल्प लें, कि अपने जन्म चंद्रमा के नक्षत्र के वृक्ष को प्रतिवर्ष लगाएंगे. जिससे पर्यावरण को तो लाभ होगा ही, साथ ही हमारे जीवन से भी प्रारब्ध कर्मों से उत्पन्न कष्ट, रोग और समस्या भी समाप्त हो जाए.
सभी को इस ज्योतिष नक्षत्र विज्ञान का लाभ हो इसके लिए हम ग्राम स्तर तक नक्षत्र वाटिका लगवाने के अभियान में कार्यरत है. यदि आप भी अपने क्षेत्र में नक्षत्र वाटिका लगाने के इच्छुक है, तो आपको इस वैदिक संस्कृति के रक्षण से बहुत पुण्य के भागी होंगे.
इसके अतिरिक्त नक्षत्र उपचार सम्बन्धी अधिक जानकारी चाहते हैं तो आप संपर्क कर सकते हैं-
ज्योतिष विभाग- श्रीमद् जगद्गुरु शारदा सर्वज्ञ पीठम्, 303, D-4, Ansal Aquapolis, new crossing republic, Ghaziabad up
ph- 7651980641, 9911438929, 8076025355