नक्षत्र वन अभियान


नक्षत्र वन अभियान

यह वैदिक विज्ञान बहुत प्राचीन काल से हमारे ऋषि मुनियों व ज्योतिषी साधकों द्वारा परम्परा से सुरक्षित रहा है. मन्त्र जाप, यज्ञ-अनुष्ठान से अनेक असाध्य रोगों व कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है. कोई भी मन्त्र निष्फल नहीं होता, कोई भी औषधि व्यर्थ नहीं है, कोई भी वृक्ष अनुपयोगी नहीं है. इस पुस्तक में नक्षत्र के वृक्षों के साथ उनके मन्त्र भी दिए गए हैं. किन्तु योग्य विद्वान से ही नक्षत्र वृक्ष की उपासना और मन्त्र जाप की दीक्षा लें तो अवश्य लाभ ही लाभ होगा.
-आचार्य मदन,
भारतीय आयुर्वेद व खगोल विद्या के मेल से नक्षत्र ज्योतिष उपचार का प्रादुर्भाव हुआ. आज भारत ही नहीं विश्व स्तर पर नक्षत्र आधारित ज्योतिषीय उपचार की आवश्यकता है. प्रत्येक वानस्पतिक औषधि व वृक्ष आकाश के 27 नक्षत्रों के प्रभाव से उत्पन्न होता है. किसी नक्षत्र विशेष में उत्पन्न हुए रोग की चिकित्सा भी उसी नक्षत्र के प्रतिनिधि औषधि व वृक्ष के बीजारोपण, धारण व उपासना से करने का विज्ञान वैदिक परम्परा में मिलता है.
नक्षत्रों के साथ खगोल की बारह राशि मण्डल व नवग्रहों के भी अपने-अपने वृक्ष है, जो ज्योतिषीय उपाय में प्रयुक्त होते हैं. किन्तु ग्रहशांति के यज्ञीय कार्यों में सही जानकारी के अभाव में अधिकतर लोगों को सही वनस्पति और नक्षत्र वृक्ष नहीं मिल पाता है, इसलिए नगर-नगर, ग्राम-ग्राम नवग्रह व नक्षत्र वृक्षों की वाटिका को स्थापित करने की महती आवश्यकता है.